कर्नाटक के नाटक के बाद येदियुरप्पा का इस्तीफा

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कर्नाटक के नाटक के बाद येदियुरप्पा का इस्तीफा

कर्नाटक के निर्वाचित मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा बहुमत जुटाने में विफल रहने के बाद येदियुरप्पा ने विश्वास मत हासिल करने से पहले ही इस्तीफा दे दिया। बीएस येदियुरप्पा ने सदन में भावुक भाषण दिया।भाषण के दौरान येदियुरप्पा ने कहा कि मैं राज्य की जनता की सेवा करता रहुंगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी थी।लोगों की उम्मीदें बीजेपी के साथ थी। हमारी सरकार किसानों के लिए काम करना चाहती थी। उन्होंने कहा कि सत्ता गंवाना उनके लिए कुछ भी गंवाने जैसा नहीं है। मेरा जीवन लोगों के लिए है। येदियुरप्पा ने कहा कि लोगों ने हमें 104 सीटें दी। बहुमत कांग्रेस या जेडीएस के लिए नहीं है।राज्य की जनता ने चुनाव में कांग्रेस को नकार दिया है।बता दें कि राज्यपाल ने येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का वक्त दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आज शाम 4 बजे बहुमत परीक्षण करने का निर्देश दिया। हालांकि बहुमत परीक्षण साबित करने की नौबत नहीं आई और येदियुरप्पा सरकार ने इस्तीफा दे दिया।

कर्नाटक के नाटक के बाद येदियुरप्पा का इस्तीफा\

बतादें कर्नाटक में 12 मई को विधानसभा चुनाव हुआ था। वोटों की गिनती 15 मई को हुई थी, जिसमें भाजपा, कांग्रेस और जनता दल सेक्युंलर में से किसी को बहुमत प्राप्त  नहीं हुआ था। इस बीच राज्‍यपाल द्वारा बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्‍पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के विरोध में कांग्रेस-जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।  उस पर फैसला देते हुए कोर्ट ने 19 मई को शाम चार बजे कर्नाटक में शक्ति परीक्षण का आदेश दिया था।